Popular Poem on Diwali in Hindi For Class 1 to 12 – दिवाली पर हिंदी कविता

popular poem on diwali in hindi for class 1 to 12 e0a4a6e0a4bfe0a4b5e0a4bee0a4b2e0a580 e0a4aae0a4b0 e0a4b9e0a4bfe0a482e0a4a6e0a580 e0a495e0a4b5

Poem on Diwali in Hindi अर्थात दीपावली पर्व पर हिंदी कविताएँ|

जी हाँ दोस्तों आज मै आपके साथ Diwali Hindi Poem शेयर करने जा रहा हूँ| जिनको आप अपने प्रिय सम्बन्धी के साथ शेयर कर सको|

-विज्ञापन-

दिवाली का त्यौहार रौशनी का प्रतीक है| इस दिन प्रभु राम माता सीता और भाई लक्ष्मण जी के साथ रावण का वध करके अयोध्या वापिस लोटे थे.

उनके अयोध्या वापिस लोटने की ख़ुशी में दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है|

दीपावली पर्व के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप दीपावली पर निबंध और महत्व वाला लेख पढ़ सकते हो|

आज इस लेख में मै आप सभी के साथ Diwali Par Kavita शेयर करूंगा| परंतु अगर आप इसके विपिरिक्त दिवाली शायरी, दिवाली कोट्स अथवा दिवाली विशेस डाउनलोड करना चाहते हो तो आप नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करे.

व्हाट्सएप्प ट्विटर और फेसबुक पर शेयर करने के लिए आप सभी के लिये दीपावली पर शायरी

-विज्ञापन-

तो आईये दोस्तों अपने इस लेख को आगे बढ़ाते है और अपनी Greatest Poem on Diwali in Hindi Language में पढ़ना शुरू करते है|

Poem on Diwali in Hindi – दिवाली पर कविताएं

मैरे प्यारे दोस्तों मेरी पहली Diwali Hindi Kavita का शीर्षक है| मन से मन का दीप जलाओ|

तो चलिए शुरू करते है हमारी पहली दिवाली हिंदी कविता को|

नोट: अगर आपको इस लेख में दिए गये हिंदी पोएम पसंत आते है तो आप इस आर्टिकल को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प पर शेयर जरुर करें जिससे और लोग भी इस पोएम को कॉपी कर सके.

छोड़-छाड़ कर दवेष-भाव को,
मीत प्रीत की रीत निभाओ,
दिवाली के शुभ अवसर पर,
मन से मन का दीप जलाओ…

क्या है तेरा क्या है मेरा,
जीवन चार दिन का फेरा,
दूर कर सको तो कर डालो,
मन का गहन अँधेरा,
निंदा नफरत बुरी आदतों,
से छुटकारा पाओ…

दिवाली के शुभ अवसर पर,
मन से मन का दीप जलाओ…

खूब मिठाई खाओ छक कर,
लड्डू, बर्फी, चमचम, गुझिया…

पर पर्यावरण का रखना ध्यान,
बम कहीं न फोड़ें कान…

वायु प्रदुषण, धुएं से बचना,
रौशनी से घर द्ववार को भरना…

दिवाली के शुभअवसर पर,
मन से मन का दीप जलाओ…

चंदा सूरज से दो दीपक,
तन मन से उजियारा कर दें…

हर उपवन से फूल तुम्हारे
जब तक जियो शान से,
हर सुख, हर खुशहाली पाओ,
दिवाली के शुभ अवसर पर,
मन से मन का दीप जलाओ…

Poem on Diwali in Hindi for sophistication 1, 2, three, 6

मेरी दूसरी Diwali Poem का शीर्षक है| दीपों का त्यौहार| तो चलिए शुरू करते है|

नोट: अगर आपको ऊपर दी गई पोएम पसंद आई हो तो आप कमेंट के माध्यम से हमारे साथ अपने विचार जरुर प्रकट करे| अथवा हैप्पी दिवाली लिखकर सभी को दिवाली की शुभकामनायें दे. 🙂

मंगलमय हो आपको दीपों का त्यौहार,
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार,
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार,
लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार…

मुझको जो भी मिलना हो, वह तुमको ही मले दोलत,
तमन्ना मेरे दिल की है, सदा मिलती रहे शोहरत,
सदा मिलती रहे शोहरत, रोशन नाम तेरा हो
कामो का ना तो शाया हो निशा में न अँधेरा हो…

दिवाली आज आयी है, जलाओ प्रेम के दीपक
जलाओ प्रेम के दीपक, अँधेरा दूर करना है
दिलों में जो अँधेरा है, उसे हम दूर कर देंगे
मिटा कर के अंधेरों को, दिलो में प्रेम भर देंगे…

-विज्ञापन-

मनाएं हम तरीकें से तो रोशन ये चमन होगा
सारी दुनियां से प्यारा और न्यारा ये वतन होगा
धरा अपनी, गगन अपना, जो बासी वो भी अपने हैं
हकीकत में वे बदलेंगे, दिलों में जो भी सपने हैं…

Brief Poem on Diwali Pageant in Hindi Language

हमारी तीसरी Diwali Hindi Kavita का शीर्षक है| “आई दिवाली ख़ुशी मनायेंगे

आई दिवाली ख़ुशी मनायेंगे,
मिलजुल यह त्यौहार मनायेंगे..
चोदह साल काटा वनवास,
राम जी आये भक्तों के पास,
खुशियों के दीप जलायेंगे,
आई दिवाली ख़ुशी मनायेंगे…

दिल से सारे वैर भूला कर,
इक-दूजे को गले लगाकर,
सब शिकवे दूर भगायेंगे,
आई दिवाली ख़ुशी मनायेंगे…

चल रहे है बम्ब-पटाखे,
शोर मचाते धूम-धड़ाके,
संग सब के ख़ुशी मनायेंगे.
आई दिवाली ख़ुशी मनायेंगे…

Widespread Poem on Diwali in Hindi Font – Diwali Poems in Hindi

हमारी चौथी दीपावली हिंदी कविता का शीर्षक है| “झिलमिल करते दीपक न्यारे”

आसमान से उतरे तारे,
झिलमिल करते दीपक न्यारे!
हँसी ख़ुशी का मौसम आया,
संग कई सौगातें लाया,
सबने अपने ही हाथों से,
घर आँगन को खूब सजाया…

वंदनवार सजे हर द्वारे,
झिलमिल करते दीपक न्यारे.
दीपों की सजी है बारात,
तिमिर भूला अपनी औकात…

सप्तरंग की लड़ियाँ सजती,
घूम धड़ाके आज की रात..
ऊँच – नीच की मिटें मीनारें,
झिलमिल करते दीपक न्यारे..

खिल खिल करके हँसते अनार,
फिरकी हरदम खड़ी तैयार,
फुलझड़ी की आभा न्यारी,
चहूँ तरह फैला अंगार…

हँसी ख़ुशी को बाटें सारे,
झिलमिल करते दीपक न्यारे!

Hindi Poetry on Diwali in Hindi

इस साल दिवाली कुछ इस तरह मनाना दोस्तों
नफरत को भुलाकर दीप खुशियों के जलाना दोस्तों
न रह जाये कोई गम न कोई शिकायत
दीप की दीवारों पर खुशियों के रंग लगाना दोस्तों..

धनतेरस पर बहुत लिया घर का सामान
इस साल किसी गरीब का घर सजाना दोस्तों..

भाई बहन के प्यार का भी है ये त्यौहार
भाई दोज पर रूठी बहन को मनाना दोस्तों..

दूर कर देना अंधेरों को मिटा देना अहंकार को
दीपक की तरह जगमगाना दोस्तों..

कुछ इस तरह दिलो को जोड़ना दिलो से
सिर्फ अपनों को नहीं परायों को भी अपना बनाना दोस्तों…

इस साल दिवाली कुछ इस तरह मनाना दोस्तों…

अन्य भारतीय त्यौहार⇓

मुझे उम्मीद है की यहाँ पर जितने भी Poem on Diwali in Hindi Font में है आपको अत्यंत पसंद आये होंगे|

आर्टिकल पसंद आने पर इस लेख को अपने सभी चाहने वालो के साथ फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ अथवा व्हाट्सएप्प पर शेयर जरुर करें और कमेंट के माध्यम से सभी को दिवाली की शुभकामनाएँ दे| 🙂

(Visited 3 times, 1 visits today)

You May Also Like

, d35d26570c20e70f6bf43f8c0a0cb10c?s=120&d=mm&r=g

About the Author: harshit@12345

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *