लोहड़ी पर कविता (हिंदी निबंध) – Best Poem on Lohri Festival in Hindi 2018

लोहड़ी के इस शुभ अवसर पर आज मै आपके साथ लोहड़ी पर कविता और लोहड़ी से जुड़ी कुछ जरूरी बात आप सभी के साथ शेयर करने जा रहा हूँ.

लोहड़ी पर कविता के इस लेख को शुरू करने से पहले आप सभी भाईयों और मेरी बहनों को हिमांशु ग्रेवाल की तरफ से लोहड़ी की लख-लख बधाई!!! 🙂

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वैसे तो आप सभी को पता ही होगा की लोहड़ी क्यों मनाई जाती है ?

परन्तु अगर आपको इस विषय में नही पता है तो नीचे हमारे इस लेख में जान सकते हो और आप पंजाबीयों का पवित्र त्यौहार लोहड़ी पर निबंध के लिंक पर क्लिक करके भी इस त्यौहार की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हो.

तो आईये मित्रों, आपका ज्यादा समय नष्ट न करते हुए Greatest Hindi Lohri Rhymes के इस लेख को शुरू करते है:-

नोट :- अगर आपको यहाँ पर दी गई लोहड़ी पर कविता पसंद आये तो कमेंट के माध्यम से अपने विचार हमारे साथ व्यक्त जरुर करें अथवा Lohri Poem in Hindi के इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करके इस पर्व उत्साह बढ़ाये.

लोहड़ी पर कविता – Widespread Poem on Lohri in Hindi

Popular Poem on Lohri in Hindi, e0a4b2e0a58be0a4b9e0a4a1e0a4bce0a580 e0a4aae0a4b0 e0a495e0a4b5e0a4bfe0a4a4e0a4be e0a4b9e0a4bfe0a482e0a4a6e0a580 e0a4a8e0a4bfe0a4ac

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!! प्यार और एकता का प्रतीक है लोहड़ी !!

मकर संक्रांति से एक दिन पहले अर्थात 13 जनवरी को लोहड़ी का त्यौहार मनाया जाता है.

अग्निदेव की पूजा स्वरूप मनाये जाने वाले इस त्यौहार की पंजाब, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा मोज मस्ती और उत्साह रहता है.

इस दिन बच्चों की टोलिया घर-घर जाकर लोहड़ी के गीत गाती है तथा लकड़ियाँ और मिठाईया एकत्रित करती है फिर शाम के समय खुले स्थान पर लकड़ियाँ जलाई जाती है.

घर परिवार के लोग रबड़ी, मक्का के दाने, मुन्ग्फली आदि अग्नि में डालकर पूजा करते है| तथा अग्नि की परिक्रमा की जाती है.

गुड़, गज्जक, मुन्ग्फली, रेबडी, तिल और मक्का के दाने आदि लोहड़ी के प्रतिक है| जिसे लोग प्रशाद के रूप में बाटकर लोहड़ी की शुभकामनायें देते है.

वैसे तो इस त्यौहार को बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है| लेकिन शादी के बाद वर-वधु की और बच्चे के जन्म के बाद उसकी पहली लोहड़ी का विषेश महत्व है, इसे बड़े पैमाने पर मनाया जाता है.

कड़ाके की शर्दी में आग जलाकर मनाये जाने वाले इस त्यौहार से कई लोक कथाये जुडी है|

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ऐसी मान्यता है की दक्ष प्रजापति की पुत्री सती द्वारा आत्मदहन की स्मृतियाँ द्वारा लोहड़ी की अग्नि जलाई जाती है| इस अवसर पर विवाहित बेटियों को मिठाईया, रबड़ी, फल, मूंगफली आदि भेजे जाते है.

यज्ञ के समय दक्ष प्रजापति ने अपने जमाता शिव का भाग नही निकाला था इसका प्रायश्चित भी लोहरी में परिलक्षित होता है.

एक अन्य लोककथा के अनुसार इसी दिन बाल कृष्ण ने अपने मामा कंश द्वारा भेजी गयी लोहिता नामक राक्षसी को खेल खेल में मार डाला था| इस घटना की याद में भी लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है.

Significance of Lohri 2018 in Hindi

लोहड़ी का त्यौहार सारे पंजाब, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू में बहुत ही धूम-धाम से 13 जनवरी के दिन प्रति वर्ष मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है.

14 जनवरी को पूरे भारत देश में मकर संक्रांति और दक्षिण भारत में पोंगल का त्यौहार मनाया जाता है| रबी की फसल पकने की ख़ुशी में लोहड़ी पर मनाया जाता है.

लोग मूंगफली, खेड़ी तिल इत्यादि ले जाकर मन्दिरों में पूजा करते हैं, और रबी की अच्छी फसल देने के लिए प्रभु को धन्यवाद देते है| सूर्यास्त होते ही सयुक्त रूप से लोहड़ी जलाने का प्रचलन है.

अग्नि प्रज्वलित होते ही सभी लोग अग्नि में खेड़ी, मूंगफली जलाकर पूजा करते हैं, और सूर्य देवता से अपने सरक्षण की कामना भी करते हैं.

बहुत वर्षों से लोहड़ी के साथ एक पौराणिक चरित्र भी जुड़ा हुआ है| जिसका वर्णन लोहड़ी त्यौहार में गाये जाने वाले लोकगीतों में मिलता है.

दुल्ला मही एक राजपूत डाकू था| उसके पूर्वज पिंडा भाट्टियाँ स्थान, जो अब पाकिस्तान में है, के राजा थे| दुल्ला Bhatti राजा अकबर के कार्यकाल में पंजाब में रहता था.

वह डाकू आते जाते आमिर व्यापारियों को लूटता था, परन्तु उसके चरित्र का एक और पहलू बहुत ही नेक था|

उन दिनों भारत वर्ष में जबरन हिन्दू लड़कियों को सलेव बनाकर मिडल ईस्ट में बेचा जाता था.

दुल्ला Bhatti उन लड़कियों को उनके चुंगल से निकाल कर हिन्दू लड़कों के साथ उनका विवाह रचाता था और कुछ दहेज की व्यवस्था भी करता था| इसीलिए प्रत्येक लोहड़ी के लोकगीत में दुल्ला Bhatti को विषेश रूप से धन्यवादित किया गया हैं|

लोहड़ी के दिन सभी बच्चे एकत्रित होकर घर-घर जाकर दुल्ला मही की प्रशंशा में लोकगीत सुनाते है और बदले में उनको लोहड़ी जलाने के लिए लकड़ियाँ, पाथियाँ, कंडे इत्यादि प्राप्त होते हैं, और खाने के लिए तिल, चावल, गुड, गाजर इत्यादि मिलते हैं.

में उम्मीद करता हूँ की लोहड़ी पर कविता का ये लेख आपको पसंद आया होगा| आपको ये लेख कैसा लगा हमको कमेंट करके जरुर बताये और इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें जिससे और लोग भी Lohri Par Kavita डाउनलोड कर सके.

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