महाशिवरात्रि का महत्व – Maha Shivratri Essay in Hindi

महाशिवरात्रि का महत्व – Maha Shivratri Essay in Hindi

नमस्ते दोस्तों! Shivratri in hindi के आर्टिकल में आपका bestdesistatus.com पर स्वागत है आज मै आपको महाशिवरात्रि historical past के बारें में बहुत सारी रहस्मय जानकारी बताऊंगा.

सबसे पहले में आपको यह बता देता हूँ की महाशिवरात्रि कब है (Shivratri kab hai) उसके बाद जानेंगे की यह त्यौहार क्यों मनाया जाता है, क्याँ हुआ था इस दिन, और पूजा के समय क्या-क्या समग्री की आवश्यकता पड़ेगी और किन-किन जगहों पर शिवलिंग की स्थापना हुई हैं.

Maha shivratri 2017 date and day : Saturday, February 25 (२५ फरवरी शनिवार के दिन)

नोट :- अब जो जानकारी में आपको बताने जा रहा हूँ अगर आपको यह जानकारी पसन्द आये तो इस इनफार्मेशन को आप बाकि सभी लोगो के साथ फेसबुक, ट्विटर, व्हात्सप्प और गूगल+ पर शेयर जरुर करें.

महाशिवरात्रि पर निबंध – Essay on Mahashivratri in hindi

Shivratri pageant : भारत में महाशिवरात्रि का त्यौहार हिन्दुओं के लिए एक प्रमुख त्योहार है. यह भगवान शिव का एक प्रमुख पर्व या उत्सव है.

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन शिव-रात्रि का यह पर्व बहुत ही धूम-धाम से पूरे भारत देश में मनाया जाता है. इतिहास के शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि जब सृष्टि का प्रारंभ होने वाला था तो इसी दिन मध्य-रात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रूद्र के रूप में अवतार हुआ था.

महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है ?

-विज्ञापन-

एक बार ऐसा हुआ था की शिव रात्रि के दिन प्रदोष के वक्त भगवान शिव तांडव कर रहे थे और तांडव करते हुए ही उन्होंने ब्रह्मांड को अपनी तीसरे नेत्र की ज्वाला से विश्व को समाप्त कर देते. इसलिए इसी दिन को महा शिवरात्रि अथवा कालरात्रि के रूप से मनाया जाता है.

कई जगह पर तो यह चर्चा भी होती है की इसी दिन भगवान शिव का विवाह भी हुआ था. तीनों भुवनों की अपार सुन्दरी और शीलवती गैरों को अर्धांगिनी बनाने वाले भगवान शिवजी प्रेतों व पिशाचों के बीच घिरे रहते हैं.

उनका जो रूप है वो सबसे अजीब है. शरीर (बॉडी) पर सम्सानों की भस्म है, उनके गले में सर्पो की माला, कंठ में विष, जटाओ में पावन-गंगा और माथे में प्रलयंकर ज्वाला है.

शिवजी बैल को अपना वाहन के रूप में प्रोयोग करते है. शिव अमंगल रूप होने पर भी भक्तों का मंगल करते है और धन-सम्पत्ति प्रदान करते है.

पूरे साल में 12 शिव-त्योहर होते है जिसमे से एक महाशिवरात्रि को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है.

महाशिवरात्रि पूजाविधि – Mahashivratri puja vidhi

Mahashivratri puja vidhi hindi mai, e0a4aee0a4b9e0a4bee0a4b6e0a4bfe0a4b5e0a4b0e0a4bee0a4a4e0a58de0a4b0e0a4bf e0a495e0a4be e0a4aee0a4b9e0a4a4e0a58de0a4b5 maha shivratri e

शिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव का अभिषेक भिन-भिन तरीके से किया जाता है.

  • जलाभिषेक : जो की जल (पानी) से किया जाता है|
  • दूध : दूसरा दूध से किया जाया है|

सुबह-सुबह भगवान शिव के मन्दिरों में भक्तो की बहुत लम्बी लाइन जमा हो जाती है वे सभी शिवलिंग की पूजा करने के लिए आते है और भगवान से अपने और अपने चाहने वालो के लिए प्रार्थना करते हैं.

सभी भक्त सूर्योदय के वक्त पवित्र स्थानों पर स्नान करने के लिए जाते है जैसे की गंगा या फिर खुजराहो के शिव सागर में या फिर किसी अन्य पवित्र जल स्रोत में. स्नान शरीर को शुद्ध करता है जोकि सभी हिन्दू त्योहारों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं.

जब स्नान कर लेते हो तो उसके बाद साफ़ कपड़े (स्वच्छ वस्त्र) पहनने होते है. सभी भक्त शिवलिंग स्नान करने के लिए मंदिर के अन्दर पानी का बर्तन ले जाते हैं.

-विज्ञापन-

सभी महिलाये और पुरुष दोनों सूर्य शिव और विष्णु की प्रार्थना करते हैं. इसमें आपको three या 7 बार शिवलिंग की परिक्रमा करनी होती है. और फिर उसमे पानी और दूध भी डालते हैं.

शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पूजा में 6 वस्तुओ को जरुर शामिल करना चाहिए जिसके बारे में आप आगे पड़ोगे.

  1. शिव लिंग का जल (पानी), शहद और दूध के साथ अभिषेक. बेर या बेर के पत्ते जो आत्मा की शुद्धि का प्रतिनिधित्व करते हैं;
  2. स्नान के बाद शिवलिंग को सिंदूर का पेस्ट लगाया जाता है| यह पुण्य का प्रतिनिधित्व करता है;
  3. फल, यह दीर्घायु और इच्छाओं की संतुष्टि को दर्शाते हैं;
  4. धन, जलती धूप, उपज (अनाज);
  5. दीपक, यह ज्ञान की प्राप्ति के लिए बहुत ही अनुकूल है;
  6. सांसारिक सुखों के लिए पान के पत्ते बहुत जरूरी है यह संतोष अंकन करते हैं;

भगवान शिव की अन्य पारंपरिक पूजा

महाशिवरात्रि पूजाविधि Maha Shivratri, e0a4aee0a4b9e0a4bee0a4b6e0a4bfe0a4b5e0a4b0e0a4bee0a4a4e0a58de0a4b0e0a4bf e0a495e0a4be e0a4aee0a4b9e0a4a4e0a58de0a4b5 e 1

‘बारह ज्योतिर्लिंग’ जिसका अर्थ है (प्रकाश के लिंग) यह पूजा के लिए शिव भगवान के पवित्र धार्मिक स्थल और केन्द्रों में से है. यह स्वयम्भू के रूप में जाने जाते हैं, जिसका अनमोल अर्थ हैं “स्वयं उत्पन्न”. 12 जगह पर 12 ज्‍योर्तिलिंग स्थापित हैं जिसको नीचे आप जानोगे.

  1. सोमनाथ, यह शिवलिंग आपको गुजरात के काठियावाड़ स्थान पर मिलेगा.
  2. श्री शैल मल्लिकार्जुन, यह शिवलिंग आपको मद्रास में कृष्ण नदी के किनारे वाले पर्वत पर स्थापित मिलेगा जिसका नाम श्री शैल मल्लिकार्जुन शिवलिंग है.
  3. महाकाल उज्जैन में अवंति नगर स्थापित आपको महाकालेश्वर नाम का शिवलिंग मिलेगा. यहाँ पर शिव भगवान ने दैत्यों का नाश किया था.
  4. ॐकारेश्वर, यह मध्यप्रदेश के एक धार्मिक स्थान ओंकारेश्वर में नर्मदा के तट पर पर्वतराज विंध्य की कठीन तपस्या से प्रसंग होकर वरदाने देने हुए शिवजी इस स्थान पर प्रकट हुए थे. उसी समय से इस स्थान पर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापित हो गया था.
  5. नागेश्वर, यह ज्योतिर्लिंग आपको गुजरात के द्वारकाधाम के निकट मिलेगा.
  6. बैजनाथ ज्योतिर्लिंग, जोकि बिहार के बैद्यनाथ धाम में स्थापित है.
  7. भीमाशंकर, यह ज्योतिर्लिंग आपको महाराष्ट्र में भीमा नदी के किनारे स्थापित मिलेगा.
  8. त्र्यंम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक (महाराष्ट्र) से 25 किलोमीटर दूर त्र्यंम्बकेश्वर में स्थापित है.
  9. घुमेश्वर, घुमेश्वर ज्योतिर्लिंग आपको महाराष्ट्र स्टेट के औरंगाबाद जिले में एलोरा गुफा के समीप वेसल गाँव में मिलेगा.
  10. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग हिमालय का दुर्गम ज्योतिर्लिंग है जोकि हरिद्वार से 150 मिल दूरी पर ही स्थित है.
  11. विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग जो काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हैं.
  12. रामेश्वरम, यह ज्योतिर्लिंग श्रीराम द्वारा स्थापित है जो आपको मद्रास में समुंद्र तट के निकट मिलेगा.

अन्य आर्टिकल

यह थी कुछ बाते महाशिवरात्रि के बारे में. मैं आशा करता हूँ की आपको इस आर्टिकल में वो सारी जानकारी मिली होगी जो आप जानना चाहते थे.

 महाशिवरात्रि का महत्व – Maha Shivratri Essay in Hindi

अगर आपको इस आर्टिकल में कुछ कमी दिखे और अगर आप इस पावन दिन के बारे में कुछ जानते हो जिसको आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हो तो आप कमेंट के माध्यम से हमारे साथ शेयर कर सकते हो और इस शिवरात्रि के इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें. घन्यवाद…! 🙂

(Visited 5 times, 1 visits today)

You May Also Like

, d35d26570c20e70f6bf43f8c0a0cb10c?s=120&d=mm&r=g

About the Author: harshit@12345

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *